- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत अभिषेक के बाद पुष्पों से दिव्य श्रृंगार
- सप्तसागर विकास को गति देने के निर्देश: निगम आयुक्त ने चार प्रमुख जलाशयों का किया निरीक्षण, गहरीकरण-सौंदर्यीकरण पर जोर
- महाकाल मंदिर परिसर के पास खुदाई में मिला शिवलिंग: निर्माण कार्य रोका गया, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- भोर में खुले महाकाल के पट: जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत आभूषणों में सजे बाबा
- 8 साल बाद जेष्ठ में अधिकमास का दुर्लभ संयोग: 17 मई से 15 जून तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद, धार्मिक साधना, दान-पुण्य और तीर्थ के लिए श्रेष्ठ समय
पर्यावरण का संदेश देने घर-घर बैठाए मिट्टी के गणेश
उज्जैन | गणेश चतुर्थी पर शुक्रवार को घर, मंदिर, समाजों से लेकर पंडालों में चलसमारोह निकालकर लोगों ने दैनिक भास्कर की मुहिम के साथ जुड़कर पर्यावरण बचाओ का संदेश देने के लिए मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं स्थापित की। पुराने शहर गोपाल मंदिर से लेकर नए शहर फ्रीगंज के बाजार में लगी दुकानों से लोगों ने मुहूर्त में प्रतिमाएं ली और जयकारे लगाते हुए घर व पंडालों तक ले गए। मंगलमूर्ति की स्थापना के साथ आरती-पूजा कर मोतीचूर के लड्डू बांटे।
समाजों व आश्रमों में मिट्टी के गणेश
महाराष्ट्र समाज ने बैंड-बाजों से चलसमारोह निकालकर क्षीरगसार तिलक स्मृति मंदिर में मिट्टी के गणेश विराजित किए। अग्रवाल समाज ने गोलामंडी धर्मशाला में ढोल-ढमाकों के साथ आरती-पूजा कर मिट्टी के गणेश बैठाए तो गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज उर्दूपुरा ने धर्मशाला में गणेश विराजित किए। चारधाम मंदिर में महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद महाराज, रामघाट पर रामानुजकोट में रंगनाथाचार्य महाराज व महाकाल मंदिर के भद्रकामी मंदिर में पुजारी प्रदीप गुरु ने भी मिट्टी के गणेश विराजित किए।
बड़े गणेश में 1000 मोदक से हवन
बड़े गणेश में सुबह 9 बजे 51 बटुकों ने एक हजार गणपति अथर्वशीर्ष पाठ किए। शृंगार-के बाद दोपहर 12 बजे जन्म आरती की गई। पुजारी आनंदशंकर व्यास ने बताया गणेश जी का गणतंत्र के देवता के रूप में पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना कर 1000 मोदकों से हवन किया गया। लड्डू व फलों का भोग लगाकर दर्शनार्थियों में वितरित किया।
मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का नि:शुल्क वितरण
पर्यावरण बचाव ई-रिक्शा एसोसिएशन, श्री उमा लोक कल्याण शिक्षा प्रसार समिति ने टावर पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का नि:शुल्क वितरण किया गया। लगभग 11 00 मूर्तियों का वितरण किया गया। संस्था के इस प्रयास को समाज ने सराहा।