- महाकाल के पट खुले, भस्म से हुआ दिव्य श्रृंगार: सभा मंडप में स्वस्ति वाचन के बाद घंटी बजाकर ली गई आज्ञा
- तराना में दो दिन हिंसा और तनाव के बाद हालात सामान्य: आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ में बसें-कारें जलीं, 19 गिरफ्तार; पुलिस तैनाती जारी
- 77वें गणतंत्र दिवस के लिए उज्जैन तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फहराएंगे तिरंगा, कार्तिक मेला ग्राउंड में पहली बार होगा जिला स्तरीय आयोजन
- महाकाल मंदिर में शनिवार तड़के खुले पट, भस्म आरती में साकार रूप में दिए बाबा ने दर्शन
- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
पर्यावरण का संदेश देने घर-घर बैठाए मिट्टी के गणेश
उज्जैन | गणेश चतुर्थी पर शुक्रवार को घर, मंदिर, समाजों से लेकर पंडालों में चलसमारोह निकालकर लोगों ने दैनिक भास्कर की मुहिम के साथ जुड़कर पर्यावरण बचाओ का संदेश देने के लिए मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं स्थापित की। पुराने शहर गोपाल मंदिर से लेकर नए शहर फ्रीगंज के बाजार में लगी दुकानों से लोगों ने मुहूर्त में प्रतिमाएं ली और जयकारे लगाते हुए घर व पंडालों तक ले गए। मंगलमूर्ति की स्थापना के साथ आरती-पूजा कर मोतीचूर के लड्डू बांटे।
समाजों व आश्रमों में मिट्टी के गणेश
महाराष्ट्र समाज ने बैंड-बाजों से चलसमारोह निकालकर क्षीरगसार तिलक स्मृति मंदिर में मिट्टी के गणेश विराजित किए। अग्रवाल समाज ने गोलामंडी धर्मशाला में ढोल-ढमाकों के साथ आरती-पूजा कर मिट्टी के गणेश बैठाए तो गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज उर्दूपुरा ने धर्मशाला में गणेश विराजित किए। चारधाम मंदिर में महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद महाराज, रामघाट पर रामानुजकोट में रंगनाथाचार्य महाराज व महाकाल मंदिर के भद्रकामी मंदिर में पुजारी प्रदीप गुरु ने भी मिट्टी के गणेश विराजित किए।
बड़े गणेश में 1000 मोदक से हवन
बड़े गणेश में सुबह 9 बजे 51 बटुकों ने एक हजार गणपति अथर्वशीर्ष पाठ किए। शृंगार-के बाद दोपहर 12 बजे जन्म आरती की गई। पुजारी आनंदशंकर व्यास ने बताया गणेश जी का गणतंत्र के देवता के रूप में पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना कर 1000 मोदकों से हवन किया गया। लड्डू व फलों का भोग लगाकर दर्शनार्थियों में वितरित किया।
मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का नि:शुल्क वितरण
पर्यावरण बचाव ई-रिक्शा एसोसिएशन, श्री उमा लोक कल्याण शिक्षा प्रसार समिति ने टावर पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का नि:शुल्क वितरण किया गया। लगभग 11 00 मूर्तियों का वितरण किया गया। संस्था के इस प्रयास को समाज ने सराहा।